● सुनीता विलियम्स और उनके तीन साथी 9 महीने 14 दिन बाद पृथ्वी पर लौटे।
● स्पेसक्राफ्ट का तापमान 1650°C तक पहुंचने से 7 मिनट संपर्क टूटा।
● 8 दिन के मिशन के लिए गए थे, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण 9 महीने लग गए।
Sunita Williams Return: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर 9 महीने 14 दिन के लंबे मिशन के बाद सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आए। उनके साथ क्रू-9 के दो अन्य अंतरिक्ष यात्री अमेरिका के निक हेग और रूस के अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी लौटे।
Splashdown confirmed! #Crew9 is now back on Earth in their @SpaceX Dragon spacecraft. pic.twitter.com/G5tVyqFbAu
— NASA (@NASA) March 18, 2025
स्पेसक्राफ्ट ‘ड्रैगन’ ने 19 मार्च को सुबह 3:27 बजे (भारतीय समयानुसार) फ्लोरिडा के तट पर लैंडिंग की। हालांकि, जब यान ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया तो 1650 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान बढ़ने के कारण करीब 7 मिनट तक ग्राउंड स्टेशन से संपर्क टूट गया।
Thank you Donald Trump and Elon Musk for bringing the astronauts back! #sunitawilliamsreturn #NASA #AstronautsReturn pic.twitter.com/XlPrglCgho
— Rahul Chauhan (@RahulCh9290) March 19, 2025
17 घंटे में पूरा हुआ पृथ्वी पर लौटने का सफर
● 18 मार्च, सुबह 08:35 बजे – स्पेसक्राफ्ट का हैच बंद हुआ।
● 10:35 बजे – स्पेसक्राफ्ट ISS से अलग हुआ।
● 19 मार्च, रात 2:41 बजे – डीऑर्बिट बर्न शुरू हुआ, जिससे स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की ओर बढ़ा।
● सुबह 3:27 बजे – फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में सफल लैंडिंग।
8 दिन के मिशन के लिए गए थे, 9 महीने लग गए!
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और NASA के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ के तहत ISS गए थे।
मिशन का उद्देश्य बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की क्षमता को टेस्ट करना था। इस दौरान उन्हें 8 दिनों तक वैज्ञानिक शोध और प्रयोग करने थे, लेकिन थ्रस्टर में खराबी के कारण उनकी वापसी 9 महीने से ज्यादा समय तक टल गई।
लैंडिंग के बाद शुरू हुई रिकवरी प्रक्रिया
जैसे ही स्पेसक्राफ्ट ने समुद्र में ‘स्प्लैशडाउन’ किया, NASA और रिकवरी टीम तुरंत एस्ट्रोनॉट्स को लेने पहुंच गई। उनके स्वास्थ्य की जांच की गई और फिर उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन के लिए ले जाया गया।
NASA और बोइंग ने इस मिशन को तकनीकी चुनौतियों के बावजूद सफल करार दिया और कहा कि भविष्य में यह मिशन और बेहतर बनाया जाएगा।